कार्यक्रम विवरण
तीर्थधाम : पंचदेव मंदिर एवं प्रेम कुटीर के भव्य निर्माण की शुरुआत के लिए भूमि पूजन एवं कथा आयोजन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक अवसर पद्म विभूषण जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी के कर कमलों से भूमि पूजन के साथ संपन्न होगा।
विशेष आमंत्रण
इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं, भक्तों और समुदाय के सदस्यों का हार्दिक स्वागत है। आपकी उपस्थिति इस पवित्र कार्य की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम जानकारी
कथा आयोजन
जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी द्वारा कथा वाचन
महाप्रसाद व्यवस्था
कथा वाचन के बाद महाप्रसाद का वितरण।
भूमि पूजन एवं भूमि समर्पण
पद्म विभूषण जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी द्वारा भूमि पूजन
भजन संध्या
संजय मित्तल, अंजलि द्विवेदी, रितू शर्मा द्वारा भजन प्रस्तुति
कथा वाचन वीडियो गैलरी
तीर्थधामः पंचदेव मंदिर एवं प्रेम कुटीर, लवाछा में आयोजित भूमि पूजन एवं 7 दिवसीय कथा आयोजन के पावन क्षणों के दर्शन करें। यहाँ प्रतिदिन की कथा वाचन का वीडियो उपलब्ध कराया जा रहा है।
कथा वाचन - पहला दिन
तीर्थधामः पंचदेव मंदिर एवं प्रेम कुटीर, लवाछा | भूमि पूजन एवं कथा आयोजन
कथा वाचन - दूसरा दिन
भूमि पूजन एवं सात दिवसीय कथा आयोजन | लवाछा
कथा वाचन - तीसरा दिन
सात दिवसीय कथा आयोजन | पंचदेव मंदिर, लवाछा
कथा वाचन - चौथा दिन
पंचदेव मंदिर एवं प्रेम कुटीर | लवाछा
कथा वाचन - पाँचवा दिन
भूमि पूजन एवं धार्मिक कथा आयोजन | लवाछा
कथा वाचन - छठा दिन
सात दिवसीय धार्मिक कथा | पंचदेव मंदिर
कथा वाचन - सातवां दिन
समापन दिवस | भूमि पूजन एवं कथा आयोजन, लवाछा
मुख्य अतिथि एवं विशेष अतिथि
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा - राजस्थान
पंचदेव ट्रस्ट
निवेदक: पंचदेव ट्रस्ट (रजी नं. A-0004635 GBR)
कौशल्या देवी अग्रवाल चॅरिटेबल ट्रस्ट
SIDDHI VINAYAK INDUSTRIES GROUP
मातोश्री श्रीमती कौशल्या देवी की मंदिर निर्माण के प्रति अटूट एवं प्रगाढ़ आस्था ने इस पावन कार्य को प्रेरणा दी। धर्मनिष्ठ अग्रवाल परिवार ने भूमि दान कर सनातन धर्म की अनुपम सेवा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसमें दो एकड़ भूमि समर्पित की गई।
पद्म विभूषण जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी की प्रेरणा एवं वापी दमन सिलवासा के सनातन धर्म प्रेमियों के भावार्थ तीर्थधाम पंचदेव मंदिर ( जिसमें राणी सती दादीजी, राम दरबार एवं राधा कृष्ण, श्री खाटू श्याम मंदिर, सालासर हनुमान मंदिर, शिव परिवार) का निर्माण होगा। ये पाँच मंदिर एक ही परिसर में होंगे अतः इस मंदिर का नाम पंचदेव मंदिर रखा गया है। इस तीर्थधाम मंदिर निर्माण की परिकल्पना हमारे क्षेत्र के उद्योगपति एवं धर्मप्रेमी गौ सेवक श्री सूर्य प्रकाश जी अग्रवाल एवं उनके साथियों द्वारा संकल्पित की गई, जिसके संकल्प स्वरूप, कौशल्या देवी अग्रवाल ट्रस्ट द्वारा मंदिर निर्माण के लिए 2 एकड़ भूमि समर्पित करके इस योजना को मूर्त रूप देने का काम शुरू किया गया।
मंदिर में एक गौशाला का भी निर्माण होगा, जिसमें गौ सेवा के अलावा गाय का दूध और दूध की अन्य सामग्री मंदिर उपयोग में ही ली जाएगी।
आगामी 12 दिसंबर को मंदिर की आधारशिला पद्मविभूषित परम पूज्य संत श्री रामभद्राचार्य जी के कर कमलों से रखी जाएगी और दिनांक 10 दिसंबर से 16 दिसंबर तक मंदिर निर्माण स्थल पर उनके मुखारविंद से कथा वाचन का भी कार्यक्रम रखा गया है।
मंदिर का निर्माण हो जाने के बाद दक्षिण गुजरात सहित वापी दमन सिलवासा का यह आध्यात्मिक चेतना संस्कृति को जीवित रखने वाला यह सिर्फ पंचदेव मंदिर भगवान की आस्था का केंद्र ही नहीं, अपितु सनातन की अलख जगाने का एक अलौकिक सनातन विश्वविद्यालय स्वरूप केंद्र स्थापित होगा एवं इस परिकल्पना के साथ निर्माण प्रारंभ होगा।
इस तीर्थधाम में अभी 90 सुसज्जित कक्ष बनाए जाएंगे, जिनमें हमारे साधु-संत, धर्मप्रेमी एवं आगंतुक निवास कर सकेंगे। इन कक्षों का उपयोग व्यवसायिक कार्यों के लिए पूर्णतः वर्जित होगा। ‘प्रेम कुटीर’ नाम को सार्थक करने के लिए इन कक्षों का उपयोग हमारे अपने बुजुर्ग परिजनों माता-पिता आदि के अल्पकालीन अवकाश-गृह के रूप में किया जाएगा, जहाँ सात्त्विक भोजन, चिकित्सा सुविधाएँ तथा देखभाल का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा।
मंदिर निर्माण के पश्चात् मंदिर को संचालित करने हेतु ट्रस्ट का गठन एवं समिति का निर्माण किया जाएगा, ताकि यह विशाल तीर्थधाम सदैव सुचारू रूप से संचालित होता रहे।
मंदिर निर्माणार्थ लागत के रूप में लगभग 4 लाख ईंटों की परिकल्पना की गई है। प्रत्येक ईंट का मूल्य 1100 रुपये निर्धारित किया गया है, जिससे प्रत्येक सनातन प्रेमी अपनी सहभागिता स्थापित कर सके।
यह एक संक्षिप्त परिकल्पना है। आगे पंचदेव भगवान के आशीर्वाद स्वरूप अनेक आध्यात्मिक गतिविधियों का निरंतर समावेश होता रहेगा।